बल्कि अल्लाह तुम्हारा संरक्षक है, और वही सबसे अच्छा मददगार है [323]।
चूंकि अल्लाह हमारा संरक्षक है, इसलिए उसी की इताअत करना सबसे ज़्यादा उचित है। हर बंदा अपने मालिक की फ़ितरी तौर पर फरमांबरदारी करता है, तो फिर अल्लाह की क्यों नहीं, जो हमारा पैदा करने वाला, पालने वाला और हर हाल में मदद करने वाला है? यह आयत एक तज़किरा भी है और तसल्ली भी, कि सच्ची मदद और सहारा सिर्फ़ अल्लाह से मिलता है, ना कि दुनिया की ताक़तों या झूठे मददगारों
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सूरह आल-इमरान आयत 151 तफ़सीर