यह तो बस शैतान ही है जो तुम्हें अपने साथियों से डराता है। तो उनसे मत डरो, बल्कि मुझसे डरो अगर तुम सच्चे ईमान वाले हो।
यह आयत बताती है कि डर फैलाने वाला असल में शैतान है, और वह अपने साथियों — यानी मुनाफ़िक़ों और काफ़िरों — के ज़रिए डराता है।
इससे हम ये बातें सीखते हैं:
यह आयत क़ियामत तक के सभी मुसलमानों के लिए एक सबक और हौसला है।
यह बताती है कि:
हुक्म साफ़ है:
👉 "मुझसे डरो" — यानी सिर्फ अल्लाह से,
👉 अगर तुम सच्चे मोमिन हो।
अल्लाह का खौफ ही ईमान की बुनियाद और कामयाबी की कुंजी है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
सूरह आल-इमरान आयत 176 तफ़सीर