कुरान - 3:182 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

182
ذَٰلِكَ بِمَا قَدَّمَتۡ أَيۡدِيكُمۡ وَأَنَّ ٱللَّهَ لَيۡسَ بِظَلَّامٖ لِّلۡعَبِيدِ

Transliteration: (Zaalika bimaa qaddamat aideekum wa annal laaha laisa bizallaamil lil'abeed)

यह उन आमाल का बदला है जो तुम्हारे हाथों ने आगे भेजे थे, और बेशक अल्लाह बंदों पर ज़र्रा बराबर ज़ुल्म करने वाला नहीं है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 182 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 182

✅ अदले इलाही और आमाल का बदला

इंसान आख़िरत में जो सज़ा पाएगा वह उसके अपने करतूतों का नतीजा होगी, अल्लाह किसी पर ज़र्रा बराबर भी ज़ुल्म नहीं फ़रमाता।

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