कुरान - 3:34 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

34
ذُرِّيَّةَۢ بَعۡضُهَا مِنۢ بَعۡضٖۗ وَٱللَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٌ

Transliteration: (Zurriyyatam ba'duhaa mim ba'd; wallaahu Samee'un 'Aleem)

34,.  उनके वंशज हैं, जिनमें से कुछ दूसरे वंशजों से हैं [72]. और अल्लाह सुनने वाला, जानने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 34 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

[72] वंशजों का संबंध

इस आयत में बताया गया है कि इब्राहीम और इमरान के परिवारों के बीच वंश का एक सिलसिला और संबंध है। कुछ वंशज सीधे नबी इब्राहीम से हैं, जबकि कुछ उनके बाद के वंशजों में से हैं।

[72] असली वंश का प्रमाण

यह आयत यह भी समझाती है कि असल वंश वह है जो सिर्फ नस्ल के नाम पर नहीं, बल्कि विश्वास और धार्मिक आचरण से साबित होता है। यानी जो लोग पैग़ंबर ﷺ के रास्ते पर चलते हैं, वही असली उनके वंशज हैं।

[72] ईमान और अमल से पहचान

यह संदेश यह भी देता है कि यदि कोई वंशज सच्चा है, तो वह अपने नबी के रास्ते का पालन करेगा। सिर्फ वंश का दावा करना काफी नहीं है, असली पहचान ईमान और नेक आचरण से होती है।

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