कुरान - 3:45 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

45
إِذۡ قَالَتِ ٱلۡمَلَـٰٓئِكَةُ يَٰمَرۡيَمُ إِنَّ ٱللَّهَ يُبَشِّرُكِ بِكَلِمَةٖ مِّنۡهُ ٱسۡمُهُ ٱلۡمَسِيحُ عِيسَى ٱبۡنُ مَرۡيَمَ وَجِيهٗا فِي ٱلدُّنۡيَا وَٱلۡأٓخِرَةِ وَمِنَ ٱلۡمُقَرَّبِينَ

Transliteration: (Iz qaalatil malaaa'ikatu yaa Maryamu innal laaha yubashshiruki bi Kalimatim minhus muhul Maseehu 'Eesab nu Maryama wajeehan fid dunyaa wal Aakhirati wa minal muqarrabeen)

और जब फ़रिश्तों ने कहा: ऐ मरयम! बेशक, अल्लाह तुझे अपनी तरफ़ से एक कलिमा की ख़ुशख़बरी देता है [98], उसका नाम मसीह ईसा, मरयम का बेटा होगा [99], वह दुनिया और आख़िरत में बड़ी इज़्ज़त वाला होगा और अल्लाह के क़रीबी लोगों में से होगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 45 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले-इमरान – आयत 45 की तफ़्सीर

 

✅ [98] हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) – अल्लाह का कलिमा

हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) को “कलिमा मिनल्लाह” (अल्लाह का शब्द) कहा गया क्योंकि उनका वुजूद अल्लाह के हुक्म “हो जा” (कुन) से हुआ, बिना किसी बाप के।
जैसा कि कुरआन में फ़रमाया गया:
“अल्लाह के नज़दीक ईसा की मिसाल आदम की तरह है—उसे मिट्टी से पैदा किया, फिर कहा ‘हो जा’, और वह हो गया।” (सूरह 3:59)
यह दिखाता है कि उनका पैदा होना इंसानी नियमों से हटकर एक अल्लाही करिश्मा था।

✅ [99] मरयम का बेटा – बिना बाप के

इस आयत से साफ़ पता चलता है कि हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) बग़ैर बाप के पैदा हुए, क्योंकि उन्हें उनकी माँ मरयम से जोड़ा गया है, न कि किसी मर्द से।
अगर उनका कोई बाप होता, तो नसब (वंशावली) पिता के नाम से जुड़ती, जैसा कि कुरआन में कहा गया:
“उन्हें उनके बापों के नाम से पुकारो, यही अल्लाह के नज़दीक ज़्यादा इंसाफ़ वाला है।” (सूरह 33:5)
“मसीह” एक लाख़ब (उपाधि) है, जिसका मतलब हो सकता है:

  • जिसके स्पर्श से शिफ़ा मिलती है,
  • जो बहुत सफ़र करता है,
  • या जो अल्लाह के हुक्म से मुर्दों को ज़िंदा करता है।
    “ईसा” उनका असली नाम है, जबकि “मसीह” उनका सम्मानजनक खिताब है।

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