Transliteration: (Kullut ta'aami kaana hillal li Baneee Israaa'eela illaa maa harrama Israaa'eelu 'alaa nafsihee min qabli an tunazzalat Tawraah; qul faatoo bit Tawraati fatloohaaa in kuntum saadiqeen)
मदीना के यहूदियों ने रसूलुल्लाह ﷺ पर ऊँट के दूध और गोश्त खाने को लेकर आपत्ति जताई, और कहा कि हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने इन चीज़ों को मना किया था।
वे अपने आपको इब्राहीम के सच्चे अनुयायी बताते थे, लेकिन हक़ीक़त यह थी कि ये चीज़ें इब्राहीम के दीन में हलाल थीं, और इनकी मनाही बाद में शुरू हुई।
जब उन्होंने झूठा दावा किया कि ये चीज़ें तो हज़रत नूह के ज़माने से हराम हैं, तो रसूलुल्लाह ﷺ ने उन्हें चुनौती दी कि अगर सच्चे हो तो तौरात ले आओ और पढ़कर दिखाओ — मगर वे नाकाम रहे।
इससे ये बातें मालूम होती हैं:
हज़रत याक़ूब (अलैहिस्सलाम) ने एक बीमारी के दौरान ऊँट का गोश्त और दूध अपने ऊपर हराम कर लिया था, लेकिन यह पाबंदी सिर्फ़ उनके लिए थी, क़ौम के लिए नहीं।
पहले के शरीअतों में ऐसी नज़्रें (व्रत) करना जायज़ और लागू होती थीं।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat