कुरान - 3:95 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

95
قُلۡ صَدَقَ ٱللَّهُۗ فَٱتَّبِعُواْ مِلَّةَ إِبۡرَٰهِيمَ حَنِيفٗاۖ وَمَا كَانَ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ

Transliteration: (Qul sadaqal laah; fattabi'oo Millata Ibraaheema Haneefanw wa maa kaana minal mush rikeen)

कह दीजिए: 'अल्लाह ने सच फ़रमाया, पस इब्राहीम की मिल्लत की पैरवी करो जो हर तरफ़ से कटकर एक (अल्लाह) के हो गए थे, और वे मुशरिकों में से न थे।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 95 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 95

✅ मिल्लते इब्राहीम हनीफ़

हज़रत इब्राहीम (अलै.) की मिल्लत ख़ालिस तौहीद की मिल्लत थी; इस्लाम उसी पाकीज़ा तरीक़े का मुकम्मल इज़हार है।

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