कुरान - 3:96 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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إِنَّ أَوَّلَ بَيۡتٖ وُضِعَ لِلنَّاسِ لَلَّذِي بِبَكَّةَ مُبَارَكٗا وَهُدٗى لِّلۡعَٰلَمِينَ

Transliteration: (Inna awwala Baitinw wudi'a linnaasi lallazee bi Bakkata mubaarakanw wa hudal lil 'aalameen)

बेशक सबसे पहला घर जो लोगों (की इबादत) के लिए बनाया गया, वही है जो मक्का (बक्का) में है, बरकत वाला और तमाम जहानों के लिए हिदायत का मरकज़; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 96 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 96

✅ बैतुल्लाह शरीफ़ की क़दामत व बरकत

ज़मीन पर अल्लाह की इबादत के लिए सबसे पहला मअ़बद 'ख़ाना-ए-काबा' (बक्का/मक्का) में तामीर हुआ, जो पूरी दुनिया की रूहानी बरकत व हिदायत का मरकज़ है।

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