कुरान - 17:101 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَلَقَدۡ ءَاتَيۡنَا مُوسَىٰ تِسۡعَ ءَايَٰتِۭ بَيِّنَٰتٖۖ فَسۡـَٔلۡ بَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ إِذۡ جَآءَهُمۡ فَقَالَ لَهُۥ فِرۡعَوۡنُ إِنِّي لَأَظُنُّكَ يَٰمُوسَىٰ مَسۡحُورٗا

Transliteration: (Wa laqad aatainaa Moosaa tis'a Aayaatim baiyinaatin fas'al Baneee Israaa'eela iz jaaa'ahum faqaala lahoo Fir'awnu inee la azunnuka yaa Moosaa mas hooraa)

और यक़ीनन हमने मूसा को नौ खुली निशानियाँ (मौजिज़ात) अता कीं; पस आप बनी इस्राईल से पूछ लीजिए जब वे उनके पास आए, तो फ़िरऔन ने उनसे कहा, 'ऐ मूसा! मेरा ख़्याल है कि तुम पर जादू कर दिया गया है।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 101 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह बनी इस्राईल (अल-इस्रा) - आयत 101

✅ हज़रत मूसा की नौ निशानियाँ और फ़िरऔन का तकब्बुर

अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को फ़िरऔन की हिदायत के लिए 9 रोशन मौजिज़ात दिए (जैसे असा, यदे बैज़ा, तूफ़ान, टिड्डी दल, जूं, मेंढक, ख़ून, कहतसाली और फलों की कमी)। लेकिन सरकश फ़िरऔन ने इन अज़ीम निशानियों को देखकर भी हज़रत मूसा को जादूज़दा कहकर हक़ का इनकार कर दिया।

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