कुरान - 17:51 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

51
أَوۡ خَلۡقٗا مِّمَّا يَكۡبُرُ فِي صُدُورِكُمۡۚ فَسَيَقُولُونَ مَن يُعِيدُنَاۖ قُلِ ٱلَّذِي فَطَرَكُمۡ أَوَّلَ مَرَّةٖۚ فَسَيُنۡغِضُونَ إِلَيۡكَ رُءُوسَهُمۡ وَيَقُولُونَ مَتَىٰ هُوَۖ قُلۡ عَسَىٰٓ أَن يَكُونَ قَرِيبٗا

Transliteration: (Aw khalqam mimmaa yakburu fee sudoorikum; fasa yaqooloona mai yu'eedunaa qulil lazee fatarakum awwala marrah; fasa yunghidoona ilaika ru'oosahum wa yaqooloona mataahoo; qul 'asaaa any yakoona qareeba)

"या कोई और ऐसी सृष्टि जो तुम्हारे मनों में (जीवित होने की दृष्टि से) इससे भी अधिक कठिन लगे!" फिर वे पूछेंगे, "हमें कौन दोबारा जीवित करेगा?" कह दीजिए, "वही जिसने तुम्हें पहली बार पैदा किया था!" फिर वे आपके सामने उपहास से अपने सिर हिलाएंगे और कहेंगे, "यह कब होगा?" कह दीजिए, "शायद कि वह बहुत ही निकट हो— (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 51 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-इस्रा – आयत 51 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] पहली बार पैदा करने वाले के लिए दोबारा बनाना आसान

जिस अल्लाह ने बिना किसी पूर्व नमूने के तुम्हें पहली बार पैदा किया, उसके लिए दोबारा जीवन देना तो और भी आसान है। जब वे मज़ाक में पूछते हैं कि क़यामत कब आएगी, तो कह दो कि वह बहुत निकट है।

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