कुरान - 17:52 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

52
يَوۡمَ يَدۡعُوكُمۡ فَتَسۡتَجِيبُونَ بِحَمۡدِهِۦ وَتَظُنُّونَ إِن لَّبِثۡتُمۡ إِلَّا قَلِيلٗا

Transliteration: (Yawma yad'ookum fatastajeeboona bihamdihee wa tazunnoona il labistum illaa qaleela (section 5))

"जिस दिन वह तुम्हें पुकारेगा, तो तुम उसकी प्रशंसा करते हुए उसकी आज्ञा स्वीकार करोगे (क़ब्रों से निकल पड़ोगे), और तुम समझोगे कि तुम (दुनिया में) केवल थोड़े ही समय ठहरे थे।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 52 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-इस्रा – आयत 52 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] हश्र का दिन और दुनियावी ज़िंदगी का संक्षेप

क़यामत के दिन इस्राफ़ील के सूर की आवाज़ सुनते ही सब मुर्दे अल्लाह की हम्द करते हुए क़ब्रों से उठ खड़े होंगे। उस समय उन्हें दुनिया की 60-70 साल की लंबी ज़िंदगी एक घड़ी के बराबर लगेगी।

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