कुरान - 17:54 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

54
رَّبُّكُمۡ أَعۡلَمُ بِكُمۡۖ إِن يَشَأۡ يَرۡحَمۡكُمۡ أَوۡ إِن يَشَأۡ يُعَذِّبۡكُمۡۚ وَمَآ أَرۡسَلۡنَٰكَ عَلَيۡهِمۡ وَكِيلٗا

Transliteration: (Wa qul li'ibaadee yaqoolul latee hiya ahsan; innash shaitaana yanzaghu bainahum; innash shaitaana kaana lil insaani 'aduwwam mubeenaa)

तुम्हारा रब तुम्हें भली-भांति जानता है; यदि वह चाहे तो तुम पर दया करे, या यदि वह चाहे तो तुम्हें सज़ा दे; और हमने आपको उन पर कोई दारोग़ा (ज़िम्मेदार) बनाकर नहीं भेजा है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 54 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-इस्रा – आयत 54 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] ईश्वरीय दया और न्याय

अल्लाह हर इंसान के दिल की नीयत से वाक़िफ़ है। रसूल की ज़िम्मेदारी केवल रास्ता दिखाना है, किसी के ईमान की ज़बरदस्ती गारंटी लेना नहीं।

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