कुरान - 18:102 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

102
أَفَحَسِبَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ أَن يَتَّخِذُواْ عِبَادِي مِن دُونِيٓ أَوۡلِيَآءَۚ إِنَّآ أَعۡتَدۡنَا جَهَنَّمَ لِلۡكَٰفِرِينَ نُزُلٗا

Transliteration: (Afahasibal lazeena kafarooo any yattakhizoo 'ibaadee min dooneee awliyaaa'; innaaa a'tadnaa jahannama lil kaafireena nuzulaa)

तो क्या काफ़िरों ने यह समझ रखा है कि वे मेरे सिवा मेरे बन्दों को अपना कारसाज़ (माबूद व हिमायती) बना लेंगे? बेशक हमने काफ़िरों की मेहमानी के लिए जहन्नम तैयार कर रखी है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 102 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 102

✅ बुज़ुर्गों और फ़रिश्तों को माबूद बनाने का रद्द

क्या मुशरिकीन यह गुमान करते हैं कि हज़रत ईसा, हज़रत उज़ैर या फ़रिश्तों को पूजने से वे उन्हें अल्लाह के अज़ाब से बचा लेंगे? हरगिज़ नहीं! अल्लाह ने मुनकिरीन के लिए जहन्नम को बतौर ख़ौफ़नाक ठिकाना तैयार कर रखा है।

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