कुरान - 18:104 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

104
ٱلَّذِينَ ضَلَّ سَعۡيُهُمۡ فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا وَهُمۡ يَحۡسَبُونَ أَنَّهُمۡ يُحۡسِنُونَ صُنۡعًا

Transliteration: (Allazeena dalla sa'yuhum fil hayaatid dunyaa wa hum yahsaboona annahum yuhsinoona sun'aa)

'वे लोग जिनकी सारी कोशिशें दुनियावी ज़िन्दगी में बर्बाद हो गईं, और वे यह समझ रहे हैं कि वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 104 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 104

✅ ख़ुद-फ़रेबी और आमाल की बर्बादी

ये वे लोग हैं जो शिर्क, बिदअत और कुफ़्र के रास्ते पर चलकर यह समझते रहे कि वे बहुत नेक और सवाब का काम कर रहे हैं। ईमान और सुन्नत के बग़ैर इंसान के तमाम आमाल राख की तरह उड़ जाते हैं और आख़िरत में सिवाय पछतावे के कुछ हाथ नहीं आता।

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