कुरान - 18:106 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

106
ذَٰلِكَ جَزَآؤُهُمۡ جَهَنَّمُ بِمَا كَفَرُواْ وَٱتَّخَذُوٓاْ ءَايَٰتِي وَرُسُلِي هُزُوًا

Transliteration: (Zaalika jazaaa'uhum jahannamu bimaa kafaroo wattakhazooo Aayaatee wa Rusulee huzuwaa)

यह उनका बदला जहन्नम है इस वजह से कि उन्होंने कुफ़्र किया और मेरी आयतों और मेरे रसूलों का मज़ाक़ उड़ाया। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 106 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 106

✅ तौहीन-ए-रिसालत और कुफ़्र का दर्दनाक बदला

उनका यह भयानक अंजाम इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने हक़ की दावत का मज़ाक़ बनाया, अल्लाह के रसूलों की तज़हीक की और कुफ़्र पर अड़े रहे।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now