कुरान - 18:40 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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فَعَسَىٰ رَبِّيٓ أَن يُؤۡتِيَنِ خَيۡرٗا مِّن جَنَّتِكَ وَيُرۡسِلَ عَلَيۡهَا حُسۡبَانٗا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ فَتُصۡبِحَ صَعِيدٗا زَلَقًا

Transliteration: (Fa'asaa Rabeee any yu'tiyani khairam min jannatika wa yursila 'alaihaa husbaanam minas samaaa'i fatusbiha sa'eedan zalaqaa)

'तो उम्मीद है कि मेरा रब मुझे तेरे बाग़ से बेहतर अता फ़रमाए, और तेरे बाग़ पर आसमान से कोई आफ़त (बिजली या तूफ़ान) भेज दे, जिससे वह एक चटियल चिकना मैदान बन जाए;' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 40 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 40

✅ तकब्बुर का अंजाम: आसमान से आफ़त की चेतावनि

मोमिन ने कहा कि अगर तू आज मेरी ग़ुरबत पर हंसता है, तो मुमकिन है कि मेरा रब मुझे आख़िरत में इससे बेहतर अता फ़रमाए और तेरे इस घमंड वाले बाग़ पर आसमान से ऐसी आफ़त नाज़िल फ़रमा दे कि यह लहलहाता बाग़ वीरान और फिसलन भरा बंजर मैदान बन जाए।

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