कुरान - 18:43 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

43
وَلَمۡ تَكُن لَّهُۥ فِئَةٞ يَنصُرُونَهُۥ مِن دُونِ ٱللَّهِ وَمَا كَانَ مُنتَصِرًا

Transliteration: (Wa lam takul lahoo fi'atuny yansuroonahoo min doonil laahi wa maa kaana muntasiraa)

और उसके पास कोई ऐसी जमाअत न थी जो अल्लाह के मुक़ाबले में उसकी मदद करती, और न वह खुद अपना बदला ले सका (या खुद को बचा सका)। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 43 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 43

✅ झूठे सहारों की बेबसी

जिस कुन्बे, दौलत और ताक़त पर वह नाज़ करता था, उनमें से कोई भी अल्लाह के अज़ाब के मुक़ाबले में उसकी मदद को न आ सका और न वह खुद अपने बाग़ को तबाही से बचा सका।

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