कुरान - 18:80 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

80
وَأَمَّا ٱلۡغُلَٰمُ فَكَانَ أَبَوَاهُ مُؤۡمِنَيۡنِ فَخَشِينَآ أَن يُرۡهِقَهُمَا طُغۡيَٰنٗا وَكُفۡرٗا

Transliteration: (Wa aammal ghulaamu fakaana abawaahu mu'minaini fakhasheenaaa any yurhiqa humaa tughyaananw wa kufraa)

'और वह जो लड़का था, तो उसके माँ-बाप मोमिन थे, तो हमें अंदेशा हुआ कि वह (बड़ा होकर) अपनी सरकशी और कुफ़्र के ज़रिये उन दोनों को सख़्त आज़माइश (व तकलीफ़) में डाल देगा।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 80 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 80

✅ दूसरी हिकमत: मोमिन वालिदैन के ईमान की हिफ़ाज़त

उस लड़के के वालिदैन सच्चे मोमिन थे। अल्लाह के इल्म में था कि यह लड़का बड़ा होकर बड़ा सरकश और काफ़िर बनेगा और अपने माँ-बाप को भी कुफ़्र और ज़ुल्म में मुब्तला कर देगा। अल्लाह ने वालिदैन के ईमान की हिफ़ाज़त के लिए उसे बचपन में ही मौत दे दी।

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