कुरान - 18:78 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

78
قَالَ هَٰذَا فِرَاقُ بَيۡنِي وَبَيۡنِكَۚ سَأُنَبِّئُكَ بِتَأۡوِيلِ مَا لَمۡ تَسۡتَطِع عَّلَيۡهِ صَبۡرًا

Transliteration: (Qaala haazaa firaaqu bainee wa bainik; sa unabbi'uka bi ta'weeli maa lam tastati' 'alaihi sabraa)

उन्होंने (ख़िज़्र ने) कहा, 'यह मेरे और आपके दरमियान जुदाई का वक़्त है; अब मैं आपको उन बातों की हक़ीक़त (तफ़्सीर) से बाख़बर करता हूँ जिन पर आप सब्र न कर सके।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 78 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 78

✅ जुदाई का फ़ैसला और हिकमतों का इंक़िशाफ़

हज़रत ख़िज़्र ने फ़रमाया कि आपकी शर्त के मुताबिक़ अब हमारे रास्ते अलग होते हैं। लेकिन रुख़्सत होने से पहले मैं आपको उन तीनों वाक़िआत के पीछे छिपी हुई इलाही हिकमतों की तफ़्सील बताता हूँ जिन पर आप सब्र न रख सके।

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