कुरान - 5:10 सूरह अल-मायदा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

10
وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ وَكَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَآ أُوْلَـٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَحِيمِ

Transliteration: (Wallazeena kafaroo wa kazzaboo bi Aayaatinaaa ulaaa'ika Ashaabul Jaheem)

और जिन्होंने कुफ़्र किया और हमारी आयतों को झुठलाया, वही लोग दोज़ख़ी हैं [50] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मायदा आयत 10 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-मायिदा – आयत 10 की तफ़्सीर

 

✅ [50] काफ़िरों और मोमिनों का अंजाम

इससे हमें यह यक़ीनन समझ में आता है कि काफ़िर हमेशा के लिए जहन्नम में रहेंगे, जबकि कोई मोमिन कितना ही गुनाहगार क्यों न हो, वह हमेशा के लिए जहन्नम में नहीं रहेगा। साथ ही यह बात भी स्पष्ट होती है कि काफ़िरों के छोटे बच्चे जहन्नम में नहीं भेजे जाएंगे, क्योंकि उन्होंने अल्लाह की आयतों को न तो पहचाना और न झुठलाया।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now