कुरान - 5:17 सूरह अल-मायदा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

17
لَّقَدۡ كَفَرَ ٱلَّذِينَ قَالُوٓاْ إِنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلۡمَسِيحُ ٱبۡنُ مَرۡيَمَۚ قُلۡ فَمَن يَمۡلِكُ مِنَ ٱللَّهِ شَيۡـًٔا إِنۡ أَرَادَ أَن يُهۡلِكَ ٱلۡمَسِيحَ ٱبۡنَ مَرۡيَمَ وَأُمَّهُۥ وَمَن فِي ٱلۡأَرۡضِ جَمِيعٗاۗ وَلِلَّهِ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَاۚ يَخۡلُقُ مَا يَشَآءُۚ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ

Transliteration: (Laqad kafaral lazeena qaalooo innal laaha huwal maseehub nu Maryam; qul famany-yamliku minal laahi shai'an in araada ai yuhlikal Maseehab na Maryama wa ummahoo wa man fil ardi jamee'aa, wa lillaahi mulkus samaawaati wal ardi wa maa bainahumaa; yakhluqu maa Yashaaa'; wallaahu 'alaa kulli shai'in Qadeer)

जो लोग कहते हैं कि 'मसीह बिन मरयम ही अल्लाह हैं', वे बेशक काफ़िर हो गए [73]। (ऐ नबी!) फ़रमा दीजिए: ‘अगर अल्लाह मसीह बिन मरयम को, उनकी मां को और ज़मीन में मौजूद सब को हलाक करना चाहे, तो कौन है जो अल्लाह के मुक़ाबले में कुछ कर सके?’ [74] और आसमानों और ज़मीन और जो कुछ इनके दरमियान है — सब की बादशाही अल्लाह ही की है। वो जो चाहता है पैदा करता है। और अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मायदा आयत 17 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-मायिदा – आयत 17 की तफ़्सीर

 

✅ [73] हज़रत ईसा علیہ السلام को अल्लाह कहना — खुला कुफ्र

इस आयत में साफ़ लफ़्ज़ों में उन ईसाई फ़िरक़ों का रद्द किया गया है
जो हज़रत ईसा علیہ السلام को अल्लाह, या अल्लाह का बेटा, या तीन में से एक मानते हैं।

  • "याक़ूबिय्या" और "मक़्दूनिय्या" जैसे फ़िरक़ों का अकीदा था कि
    ईसा علیہ السلام में अल्लाह समा गया है, जैसे फूल में ख़ुशबू या आग में गर्मी।
  • ये अकीदे सरासर कुफ़्र हैं, क्योंकि अल्लाह तआला हर तरह की मख़्लूक़ से पाक है।
  • किसी इंसान में समाना, पैदा होना, खाना-पीना, सोना — ये सब अल्लाह की शान के ख़िलाफ़ है।

✅ [74] अक़ली और इलाही दलील से रद्द

अल्लाह तआला ने इस आयत में ज़बरदस्त अक़ली और इलाही दलील से
हज़रत ईसा علیہ السلام की उलूहियत (ईश्वरता) का इन्कार फ़रमाया:

  • अगर अल्लाह चाहे तो ईसा علیہ السلام और उनकी मां मरयम दोनों को हलाक कर दे,
    तो कोई कुछ नहीं कर सकता।
    क्या ख़ुदा हलाक हो सकता है? — नहीं!
  • ईसा علیہ السلام मख़्लूक़ हैं, अल्लाह नहीं।
    वो एक औरत के पेट से पैदा हुए, खाना खाते, आराम करते — ये सब इंसानी लक्षण हैं।
  • अल्लाह पैदा नहीं होता, उसे कोई जनता नहीं, और न वो किसी के जैसा है।
  • आख़िर में अल्लाह फ़रमाता है: “वह जो चाहता है पैदा करता है।”
    यानि, अगर अल्लाह ईसा علیہ السلام को बिना बाप के पैदा कर सकता है,
    तो इसका ये मतलब नहीं कि वो ख़ुदा हैं।
  • “अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है” —
    यानी हक़ीक़ी ताक़तवर, ख़ालिक़, और मालिक — सिर्फ़ अल्लाह है,
    ना कि हज़रत ईसा علیہ السلام या कोई और।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now