कुरान - 23:12 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

12
وَلَقَدۡ خَلَقۡنَا ٱلۡإِنسَٰنَ مِن سُلَٰلَةٖ مِّن طِينٖ

Transliteration: (Wa laqad khalaqnal insaana min sulaalatim minteen)

12. और बेशक हमने इंसान को मिट्टी के ख़ास जौहर (ख़ुलासे) से पैदा किया [12]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 12 की तफ़सीर

"और बेशक हमने इंसान को मिट्टी के ख़ास जौहर (ख़ुलासे) से पैदा किया [12];"

[12] इंसानी तख़लीक़ की इब्तिदा: मिट्टी का जौहर

अल्लाह तआला ने इंसान की अस्ल पैदाइश मिट्टी के ख़ुलासे (जौहर) से फ़रमाई। हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) को मिट्टी से पैदा किया गया, और उनकी औलाद की ग़िज़ा मिट्टी ही की पैदावार से बनती है जिससे ख़ून बनता है और ख़ून से नुत्फ़ा तैयार होता है। यह इंसान को उसकी आजिज़ाना इब्तिदा याद दिलाने के लिए है ताकि वह तकब्बुर न करे।

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