Transliteration: (Ulaaa'ika humul waarisoon)
"यही वे लोग हैं जो हक़ीक़ी वारिस हैं [10];"
इन औसाफ़े हमीदा से मुत्तसिफ़ मोमिनीन ही जन्नत के हक़ीक़ी वारिस हैं। जन्नत हमारे जद्दे अमजद हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) की मीरास है। मीरास की ख़ासियत यह होती है कि वह इंसान की ऐसी पक्की और मुस्तक़िल मिलकियत बन जाती है जिसे कोई छीन नहीं सकता और न वह किसी दूसरे की तरफ़ मुंतक़िल होती है।
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