कुरान - 23:8 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
وَٱلَّذِينَ هُمۡ لِأَمَٰنَٰتِهِمۡ وَعَهۡدِهِمۡ رَٰعُونَ

Transliteration: (Wallazeena hum li amaanaatihim wa 'ahdihim raa'oon)

8. और जो अपनी अमानतों और अपने अहद (वादे) की मुकम्मल निगरानी (पासदारी) करने वाले हैं [8]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 8 की तफ़सीर

"और जो अपनी अमानतों और अपने अहद (वादे) की मुकम्मल निगरानी (पासदारी) करने वाले हैं [8];"

[8] अमानतदारी और अहद की पाबंदी

सच्चे मोमिन कभी किसी की अमानत में ख़ियानत नहीं करते और जो अहद या मुआहिदा किसी से करते हैं, उसे पूरी दयानतदारी से निभाते हैं। हमारे जिस्म के आज़ा (आंख, कान, ज़बान, हाथ, पैर) अल्लाह की अमानत हैं; उन्हें गुनाहों में इस्तेमाल करना अल्लाह की अमानत में ख़ियानत है।

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