कुरान - 23:14 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

14
ثُمَّ خَلَقۡنَا ٱلنُّطۡفَةَ عَلَقَةٗ فَخَلَقۡنَا ٱلۡعَلَقَةَ مُضۡغَةٗ فَخَلَقۡنَا ٱلۡمُضۡغَةَ عِظَٰمٗا فَكَسَوۡنَا ٱلۡعِظَٰمَ لَحۡمٗا ثُمَّ أَنشَأۡنَٰهُ خَلۡقًا ءَاخَرَۚ فَتَبَارَكَ ٱللَّهُ أَحۡسَنُ ٱلۡخَٰلِقِينَ

Transliteration: (Summa khalaqnan nutfata 'alaqatan fakhalaqnal 'alaqata mudghatan fakhalaq nal mudghata 'izaaman fakasawnal 'izaama lahman summa anshaanaahu khalqan aakhar; fatabaarakal laahu ahsanul khaaliqeen)

14. फिर हमने उस नुत्फ़े को जमे हुए ख़ून का लोथड़ा (अलक़ा) बनाया, फिर उस लोथड़े को गोश्त की बोटी (मुज़ग़ा) बनाया, फिर उस बोटी की हड्डियाँ बनाईं [14], फिर हड्डियों पर गोश्त चढ़ाया; फिर हमने उसे एक दूसरी ही सूरत (जिस्म व रूह) में बना खड़ा किया [15]; पस बड़ा ही बा-बरकत है अल्लाह जो सबसे बेहतरीन पैदा करने वाला है [16] ! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 14 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 14 की तफ़सीर

"फिर हमने उस नुत्फ़े को जमे हुए ख़ून का लोथड़ा (अलक़ा) बनाया, फिर उस लोथड़े को गोश्त की बोटी (मुज़ग़ा) बनाया, फिर उस बोटी की हड्डियाँ बनाईं [14], फिर हड्डियों पर गोश्त चढ़ाया; फिर हमने उसे एक दूसरी ही सूरत (जिस्म व रूह) में बना खड़ा किया [15]; पस बड़ा ही बा-बरकत है अल्लाह जो सबसे बेहतरीन पैदा करने वाला है [16] !"

[14] तख़लीक़ के चालीस-चालीस रोज़ा मराहिल

हदीस शरीफ़ में आता है कि नुत्फ़ा चालीस दिन तक मां के पेट में रहता है, फिर चालीस दिन जमे हुए ख़ून का लोथड़ा (अलक़ा) रहता है, फिर चालीस दिन गोश्त की बोटी (मुज़ग़ा) रहता है। फिर अल्लाह की क़ुदरत से उसमें हड्डियां बनती हैं और उन पर गोश्त का लिबास चढ़ाया जाता है।

[15] रूह फूंकना और इंसानी सूरत

चार माह पूरे होने के बाद फ़रिश्ता उसमें रूह फूंकता है और उसे सुनने, देखने और बोलने की सलाहियतें अता होती हैं। फिर वह एक मुकम्मल, ख़ूबसूरत और अज़ीम मख़लूक़ बनकर सामने आता है जिसे अशरफ़ुल मख़लूक़ात कहा गया।

[16] अहसनुल ख़ालिक़ीन (सबसे बेहतरीन पैदा करने वाला)

अरबी ज़बान में 'ख़लक़' तख़लीक़ और सूरतगरी दोनों के लिए आता है। अल्लाह तआला की तख़लीक़ बे-मिसाल, ला-जवाब और मुकम्मल तरीन है। उसकी शान सबसे आला व बा-बरकत है।

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