Transliteration: (In hiya illaa hayaatunad dunyaa namootu wa nahyaa wa maa nahnu bimab'ooseen)
"हमारी यह दुनियावी ज़िन्दगी ही सब कुछ है; हम यहीं मरते हैं और यहीं जीते हैं [58], और हम हरगिज़ दोबारा नहीं उठाए जाएंगे [59];"
उनका अक़ीदा यह था कि इंसान सिर्फ़ दुनियावी गर्दिश का नाम है—एक नस्ल मरती है और दूसरी पैदा होती है, इसके पीछे कोई हिसाब-किताब या आख़िरत नहीं है। यह दह्रियों और मुल्हिदों की पुरानी फ़िक्र है जो रूह और आख़िरत की मुन्किर है।
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