कुरान - 23:35 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

35
أَيَعِدُكُمۡ أَنَّكُمۡ إِذَا مِتُّمۡ وَكُنتُمۡ تُرَابٗا وَعِظَٰمًا أَنَّكُم مُّخۡرَجُونَ

Transliteration: (A-Ya'idukum annakum izaa mittum wa kuntum turaabanw wa izaaman annakum mukhrajoon)

35. क्या वह तुमसे यह वादा करता है कि जब तुम मर जाओगे और मिट्टी व हड्डियां हो जाओगे, तो तुम (क़ब्रों से) दोबारा निकाले जाओगे [56]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 35 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 35 की तफ़सीर

"क्या वह तुमसे यह वादा करता है कि जब तुम मर जाओगे और मिट्टी व हड्डियां हो जाओगे, तो तुम (क़ब्रों से) दोबारा निकाले जाओगे [56]?"

[56] क़ब्रों में दफ़्न करने का तरीक़ा और हश्र का इनकार

इस आयत से मालूम हुआ कि वे लोग अपने मुर्दों को क़ब्रों में दफ़्न करते थे (जलाते नहीं थे)। दफ़्न करने के बावजूद वे अक़्ल के अंधे दोबारा ज़िन्दा किए जाने (हश्र) का इनकार करते थे कि गल-सड़ जाने के बाद हड्डियां कैसे ज़िन्दा होंगी!

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now