कुरान - 83:11 सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

11
ٱلَّذِينَ يُكَذِّبُونَ بِيَوۡمِ ٱلدِّينِ

Transliteration: (Allazeena yukazziboona bi yawmid deen )

11. ये वो लोग हैं जो फैसले के दिन[8] को झूठलाते हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन आयत 11 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

क़यामत के इनकार करने वाले (Denial of the Day of Judgment) – आयत 83:11 की तफ़सीर (Commentary of Verse 83:11)

"वे लोग जो क़यामत के दिन को झुटलाते हैं।"

🔹 आख़िरत का इनकार करने के अंजाम (The Consequences of Denying the Hereafter)

🔸 यह आयत उन लोगों की तबाही और बर्बादी को बयान करती है जो क़यामत के दिन को नहीं मानते और गुनाहों में डूबे रहते हैं।

 🔹 पूरा अज़ाब उन काफ़िरों के लिए है जो आख़िरत को पूरी तरह झुटलाते हैं—वे हमेशा के लिए सज़ा से नहीं बच सकेंगे।

 🔹 कम अज़ाब उन गुनाहगार मोमिनों के लिए है जो क़यामत पर इमान रखते हैं लेकिन फिर भी गुनाह करते हैं—हालांकि वे सज़ा भुगतेंगे, लेकिन आख़िरकार माफ़ कर दिए जाएंगे और निजात पा लेंगे।

🔸 सबसे अहम सबक यह है कि हिसाब-किताब का इनकार पूरी तबाही का कारण बनता है, जबकि इमान रखने के बावजूद गुनाह करना भी गंभीर अंजाम तक पहुंचा सकता है।

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