कुरान - 83:15 सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

15
كَلَّآ إِنَّهُمۡ عَن رَّبِّهِمۡ يَوۡمَئِذٖ لَّمَحۡجُوبُونَ

Transliteration: (Kallaaa innahum 'ar Rabbihim yawma'izil lamah jooboon)

15. हरगिज़ नहीं! उस दिन वे अपने रब को देखने से जरूर महरूम रखे जाएंगे[12]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन आयत 15 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

अल्लाह को देखने से महरूमी (Deprived from Seeing Allah) – आयत 83:15 की तफ़सीर (Commentary of Verse 83:15)

"यक़ीनन, उस दिन वे अपने परवरदिगार को देखने से महरूम रखे जाएंगे।"

🔹 काफ़िरों की सबसे बड़ी सज़ा (The Ultimate Deprivation for Disbelievers)

🔸 क़यामत के दिन काफ़िरों को अल्लाह के दीदार (दर्शन) से महरूम रखा जाएगा, और यही उनकी सबसे बड़ी सज़ा होगी।

🔹 इस आयत से हमें तीन अहम बातें सीखने को मिलती हैं:

 🔹 अल्लाह को देखना सबसे बड़ी नेमत होगी – उस दिन हर जान अल्लाह के दीदार की तलब करेगी, और इससे महरूम रहना बहुत सख़्त अज़ाब होगा।

 🔹 मोमिनों को यह इनाम मिलेगा – यह सिर्फ़ नेकी का बदला नहीं, बल्कि अल्लाह की ख़ास रहमत होगी। इस नेमत को पाने के लिए फ़ज्र और अस्र की नमाज़ पाबंदी से पढ़नी चाहिए।

 🔹 नबी ﷺ की सच्ची मुहब्बत इस इनाम तक पहुँचाएगी – जिसने इस दुनिया में अपने रुहानी नज़रिए से हज़रत मुहम्मद ﷺ की हुस्न और रहमत को पहचाना, वही आख़िरत में अल्लाह के दीदार से नवाज़ा जाएगा।

🔸 अल्लाह हर एक से कलाम करेगा, लेकिन मोमिनों से रहमत भरी बातें होंगी और काफ़िरों के लिए ग़ज़ब के अल्फ़ाज़ होंगे। इसके बाद, अल्लाह काफ़िरों से छुपा नहीं होगा, बल्कि काफ़िरों को उस तक पहुँचने से रोका जाएगा, और यही उनकी सबसे बड़ी सज़ा होगी।

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