Transliteration: (Wa izaa kaaloohum aw wazanoohum yukhsiroon)
"लेकिन जब वे दूसरों को नाप या तौल कर देते हैं, तो उसमें कमी कर देते हैं।"
यह आयत उन बेईमान व्यापारियों की निंदा करती है जो दूसरों को तौल या नाप में धोखा देते हैं। इस आयत से एक अहम सबक यह मिलता है कि नीयत का बहुत महत्व है—कोई भी अमल अच्छा या बुरा उसकी नीयत के अनुसार बनता है।
इसलिए, अगर कोई नेक अमल बुरी नीयत से किया जाए, तो वह अल्लाह के नज़दीक गुनाह बन जाता है।
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