कुरान - 83:4 सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

4
أَلَا يَظُنُّ أُوْلَـٰٓئِكَ أَنَّهُم مَّبۡعُوثُونَ

Transliteration: (Alaa yazunnu ulaaa'ika annahum mab'oosoon)

4. क्या वे यह गुमान नहीं रखते कि उन्हें फिर से उठाया जाएगा[4]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन आयत 4 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

बेईमान लेन-देन के ख़िलाफ़ चेतावनी (Warning Against Dishonest Dealings) – आयत 83:4 की तफ़सीर (Commentary of Verse 83:4)

"क्या वे यह गुमान नहीं करते कि उन्हें उठाया जाएगा?"

तौल में धोखाधड़ी के अलग-अलग तरीके (Different Forms of Deception in Weighing)

यह आयत नाप-तौल में धोखा देने वालों के लिए एक सख़्त चेतावनी है, जो उन्हें क़यामत के दिन की याद दिलाती है, जब उन्हें अपने कर्मों का हिसाब देना होगा।

तौल में धोखाधड़ी कई तरीकों से की जाती है:

  • जानबूझकर वजन या माप में कमी करना।
  • अलग-अलग तराज़ू का इस्तेमाल करना—खरीदने के लिए अलग और बेचने के लिए अलग।
  • एक पलड़े में छुपाकर कोई चीज़ रख देना ताकि तौल में हेराफेरी हो सके।

यह आयत हर तरह की धोखाधड़ी को शामिल करती है और लोगों को आगाह करती है कि वे अल्लाह के सामने उठाए जाएंगे और उसके इंसाफ़ से बच नहीं सकते।

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