Transliteration: (Wa ta koonul jibalu kal 'ihnil manfoosh )
क़यामत के दिन पहाड़ों का विनाश (The Destruction of Mountains on Judgement Day)
यह आयत क़यामत के दिन होने वाली भयानक घटनाओं को दर्शाती है। पहले सूर की भयावह और कंपनकारी आवाज़ से मज़बूत और रंग-बिरंगे पहाड़ टूटकर छोटे-छोटे कणों में बदल जाएंगे। ये कण ऐसे हवा में उड़ते नज़र आएंगे जैसे रंगीन ऊन को कंघी करते समय उसके रेशे बिखरते हैं। यह दृश्य अल्लाह की अपार शक्ति और धरती की सबसे मज़बूत संरचनाओं के पूर्ण विनाश को दर्शाता है। इसका मतलब यह है कि अल्लाह के आदेश के आगे कोई भी चीज़, चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो, सलामत नहीं रह सकती।
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मुख्य बिंदु (Key Points):
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