Transliteration: (Wa amma man khaffat mawa zeenuh )
यह आयत बताती है कि क़यामत के दिन कर्मों का तौलना इनाम देने के लिए नहीं, बल्कि न्याय की स्थापना के लिए होगा। सच्चे ईमान वाले, जिन्होंने अल्लाह की रहमत प्राप्त की है, वे बिना तौले और हिसाब किए जन्नत में प्रवेश करेंगे। उनका जन्नत में प्रवेश अल्लाह की रहमत और बक्षिश का परिणाम है, न कि कर्मों के सटीक तौलने पर आधारित। जैसे खरीददारों का सामान खरीदने से पहले तौल लिया जाता है, भिखारियों को बिना मापे भीख दी जाती है, और दावत के मेहमानों को बिना किसी पैमाने के भोजन मिलता है, वैसे ही जिनपर अल्लाह की रहमत है, वे तौलने की प्रक्रिया से बचेंगे।
क़ुरआन में समान विषय (Similar Topics in the Quran):
मुख्य बिंदु (Key Points):
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat