Transliteration: (Wa maa kunta bijaanibil gharbiyyi iz qadainaaa ilaa Moosal amra wa maa kunta minash shaahideen)
"और (ऐ महबूब!) आप (तूर के) पश्चिमी किनारे पर मौजूद न थे [117] जब हमने मूसा को हुक्म (शरीअत) का फ़ैसला फ़रमाया, और न आप गवाहों में से थे [118];"
यानी जब अल्लाह तआला ने कोहे तूर के मग़रबी जानिब हज़रत मूसा को तौरात और अहकाम अता फ़रमाए, तो ज़ाहिरी तौर पर हुज़ूर अकरम ﷺ वहाँ जिस्मानी हैसियत से मौजूद न थे।
वहाँ ज़ाहिरी तौर पर मौजूद न होने के बावजूद इन हज़ारों साल पुराने वाक़िआत की ऐसी बारीक और हू-ब-हू तफ़्सील बयान फ़रमाना इस बात की खुली दलील है कि अल्लाह तआला ने अपने हबीब ﷺ को ग़ैब के उलूम अता फ़रमाए हैं।
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