कुरान - 28:88 सूरह अल-क़सस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

88
وَلَا تَدۡعُ مَعَ ٱللَّهِ إِلَٰهًا ءَاخَرَۘ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۚ كُلُّ شَيۡءٍ هَالِكٌ إِلَّا وَجۡهَهُۥۚ لَهُ ٱلۡحُكۡمُ وَإِلَيۡهِ تُرۡجَعُونَ

Transliteration: (Wa laa tad'u ma'al laahi ilaahan aakhar; laaa ilaaha illaa Hoo; kullu shai'in haalikun illaa Wajhah; lahul hukkmu wa ilaihi turja'oon (section 9))

और अल्लाह के साथ किसी दूसरे माबूद की इबादत न कीजिए [219]; उसके सिवा कोई माबूद नहीं; हर चीज़ हलाक (फ़ना) होने वाली है सिवाय उसकी ज़ात-ए-करीम के [220]; उसी का फ़रमान (हुक्म) है और उसी की तरफ़ तुम सब पलटाए जाओगे [221]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़सस आयत 88 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़सस तफ़सीर - आयत 88

"और अल्लाह के साथ किसी दूसरे माबूद की इबादत न कीजिए [219]; उसके सिवा कोई माबूद नहीं; हर चीज़ हलाक (फ़ना) होने वाली है सिवाय उसकी ज़ात-ए-करीम के [220]; उसी का फ़रमान (हुक्म) है और उसी की तरफ़ तुम सब पलटाए जाओगे [221]।"

[219] तौहीद का क़तई ऐलान

सूरह की इख़्तितामी आयत में तौहीद का साफ़ ऐलान फ़रमाया कि इबादत का मुस्तहिक़ सिर्फ़ अल्लाह है, तमाम माबूदान-ए-बातिल फ़ना होने वाले हैं।

[220] कुलु शैइन हालिकुन इल्ला वज्हह (बक़ा सिर्फ़ अल्लाह की ज़ात को)

कायनात की हर चीज़—आसमान, ज़मीन, इंसान, फ़रिश्ते—फ़ना होने वाली है। सिर्फ़ अल्लाह तआला की पाक ज़ात-ए-अक़दस हमेशा बाक़ी रहने वाली है। उसके करम और वज्ह-ए-करीम के सिवा कोई वजूद दायमी नहीं।

[221] मुतलक़ हुकूमत और वापसी

अज़ल से अबद तक हुक्म और फ़रमानरवाई सिर्फ़ अल्लाह की है, और आख़िरकार तुम सब उसी की अदालत में हिसाब के लिए पेश किए जाओगे।

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