कुरान - 28:87 सूरह अल-क़सस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

87
وَلَا يَصُدُّنَّكَ عَنۡ ءَايَٰتِ ٱللَّهِ بَعۡدَ إِذۡ أُنزِلَتۡ إِلَيۡكَۖ وَٱدۡعُ إِلَىٰ رَبِّكَۖ وَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ

Transliteration: (Wa laa yasuddunnaka 'an Aayaatil laahi ba'da iz unzilat ilaika wad'u ilaa Rabbika wa laa takoonanna minal mushrikeen)

और वे हरगिज़ आपको अल्लाह की आयात से न रोकें इसके बाद कि वे आप पर उतारी जा चुकी हैं [216], और आप अपने रब की तरफ़ बुलाते रहिए [217], और हरगिज़ मुशरिकीन में से न हूजिए [218]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़सस आयत 87 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़सस तफ़सीर - आयत 87

"और वे हरगिज़ आपको अल्लाह की आयात से न रोकें इसके बाद कि वे आप पर उतारी जा चुकी हैं [216], और आप अपने रब की तरफ़ बुलाते रहिए [217], और हरगिज़ मुशरिकीन में से न हूजिए [218]।"

[216] काफ़िरों की मुख़ालिफ़त की बे-परवाही

काफ़िरों के मज़ाक़ और रुकावटों की बिल्कुल परवाह न कीजिए और पूरी क़ुव्वत के साथ अल्लाह के अहकाम पर अमल जारी रखिए।

[217] दावत-ए-हक़ की मुदावमत

आप लोगों को एक अल्लाह की तौहीद और इताअत की तरफ़ मुसलसल बुलाते रहिए।

[218] शिर्क से मुकम्मल बेज़ारी

मुशरिकीन के किसी अक़ीदे, तरीक़े या रस्म से कोई ताल्लुक़ न रखिए।

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