कुरान - 28:65 सूरह अल-क़सस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

65
وَيَوۡمَ يُنَادِيهِمۡ فَيَقُولُ مَاذَآ أَجَبۡتُمُ ٱلۡمُرۡسَلِينَ

Transliteration: (Wa Yawma yunaadeehim fa yaqoolu maazaaa ajabtumul mursaleen)

और जिस दिन वह उन्हें पुकार कर फ़रमाएगा, 'तुमने रसूलों को क्या जवाब दिया था [165]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़सस आयत 65 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़सस तफ़सीर - आयत 65

"और जिस दिन वह उन्हें पुकार कर फ़रमाएगा, 'तुमने रसूलों को क्या जवाब दिया था [165]?'"

[165] रिसालत की दावत पर बाज़पुर्स

क़ियामत के दिन यह दूसरा बड़ा सवाल होगा कि जब तुम्हारे पास अल्लाह के पैग़म्बर हक़ का पैग़ाम लेकर आए थे, तो तुमने उनकी दावत का क्या जवाब दिया था? क्या तुमने उनकी इताअत की थी या उन्हें झुठलाया था?

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