Transliteration: (Wa qeelad 'oo shurakaaa'akum fada'awhum falam yastajeeboo lahum wa ra awul 'azaab; law annahum kaanoo yahtadoon)
"और कहा जाएगा, 'अपने ठहराए हुए शरीकों को पुकारो!' तो वे उन्हें पुकारेंगे मगर वे उन्हें कोई जवाब न देंगे [164], और वे अज़ाब को (अपनी आँखों से) देख लेंगे; काश वे हिदायत पाने वाले होते!"
मुशरिकीन से कहा जाएगा कि अब अपने माबूदों को अपनी मदद के लिए पुकारो। वे उन्हें पुकारेंगे मगर बेजान बुत कोई जवाब न दे सकेंगे, और मुशरिकीन अपनी आँखों से जहन्नम का अज़ाब देखकर हसरत करेंगे कि काश वे दुनिया में ईमान ले आते!
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