Transliteration: (Fa'amiyat 'alaihimul ambaaa'u Yawma'izin fahum laa yatasaaa'aloon)
"तो उस दिन उन पर सारी बातें अंधी हो जाएंगी (कोई बात न सूझेगी) [166], फिर वे आपस में एक-दूसरे से पूछ भी न सकेंगे [167]।"
अल्लाह की अदालत के रोब और खौफ़ से काफ़िरों की अक़्लें काम करना छोड़ देंगी और उन्हें अपने बचाव में कोई उज़्र या बहाना नहीं सूझेगा।
वे इतने बदहवास होंगे कि आपस में एक-दूसरे से कोई बात या सलाह भी न कर सकेंगे और गूंगों की तरह ख़ामोश खड़े रहेंगे।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat