Transliteration: (Wa Huwal laahu laaa ilaaha illaa Huwa lahul hamdu fil oolaa wal Aakhirati wa lahul hukmu wa ilaihi turja'oon)
"और वही अल्लाह है, उसके सिवा कोई माबूद नहीं; उसी के लिए तमाम तारीफ़ है पहली (दुनिया) में और पिछली (आख़िरत) में [171]; और उसी का हुक्म (फ़रमान) है [172] और उसी की तरफ़ तुम सब लौटाए जाओगे [173]।"
दुनिया में तमाम नेमतों और हिदायत पर अल्लाह की हम्द की जाती है, और आख़िरत में जन्नत की हमेशा रहने वाली दौलत और रज़ा पर अहले ईमान उसकी हम्द व सना करेंगे।
कायनात के हर ज़र्रे पर सिर्फ़ अल्लाह का हुक्म और फ़ैसला नाफ़िज़ है, कोई उसके फ़ैसले को टाल नहीं सकता।
आख़िरकार तमाम मख़लूक़ को अपने आमाल का हिसाब देने के लिए उसी की बारगाह में हाज़िर होना है।
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