कुरान - 56:13 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

13
ثُلَّةٞ مِّنَ ٱلۡأَوَّلِينَ

Transliteration: (Sullatum minal awwaleen)

अगलों में से एक बड़ा गिरोह! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 13 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 13

"अगलों में से एक बड़ा गिरोह!"


उम्मत के सबक़त ले जाने वाले मोमिनीन

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ की उम्मत के शुरूआती दौर यानी सहाबा-ए-किराम और ताबिईन में से मुक़र्रबीन की एक बहुत बड़ी जमाअत होगी जिन्होंने इस्लाम की नुसरत में अपनी जानें और माल क़ुरबान किए।

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