Transliteration: (Fee Jannaatin Na'eem)
"नेमतों भरी जन्नतों में!"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि मुक़र्रबीन जन्नत-ए-नयीम के शादाब बाग़ात में रहेंगे जहाँ हर तरह की रूहानी व जिस्मानी नेमतें, राहतें और लज़्ज़तें उनके लिए महफ़ूज़ हैं।
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