कुरान - 56:18 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

18
بِأَكۡوَابٖ وَأَبَارِيقَ وَكَأۡسٖ مِّن مَّعِينٖ

Transliteration: (Bi akwaabinw wa abaareeq, wa kaasim mim ma'een)

आबख़ोरे और सुराहियाँ और बहते हुए चश्मे की शराब से भरे हुए जाम लिए हुए [20]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 18 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 18

"आबख़ोरे और सुराहियाँ और बहते हुए चश्मे की शराब से भरे हुए जाम लिए हुए [20]!"


[20] जन्नत के शाही जाम और बे-हिसाब राहत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि अहले जन्नत को कोई मेहनत या मशक़्क़त नहीं करनी पड़ेगी। ये ख़िदमतगार लड़के क्रिस्टल और सोने की सुराहियों और प्यालों में जन्नत की पाकीज़ा शराब (शराबे तहूर) भरकर पेश करते रहेंगे।

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