Transliteration: (Laa yusadda'oona 'anhaa wa laa yunzifoon)
"जिससे न उन्हें सरदर्द होगा और न होश ख़राब होगा (न मदहोश होंगे) [21]!"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि दुनियावी शराब नापाक, बदबूदार और अक़्ल को ज़ायल करने वाली होती है जिससे सर में दर्द और बेहूदगी पैदा होती है। इसके बरअक्स जन्नत की शराब निहायत ख़ुशबूदार, लज़ीज़ और पाकीज़ा है—उसे पीने से न कभी सर में दर्द होगा और न कभी अक़्ल में फ़ितूर आएगा।
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