कुरान - 56:19 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

19
لَّا يُصَدَّعُونَ عَنۡهَا وَلَا يُنزِفُونَ

Transliteration: (Laa yusadda'oona 'anhaa wa laa yunzifoon)

जिससे न उन्हें सरदर्द होगा और न होश ख़राब होगा (न मदहोश होंगे) [21]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 19 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 19

"जिससे न उन्हें सरदर्द होगा और न होश ख़राब होगा (न मदहोश होंगे) [21]!"


[21] शराबे तहूर की पाकीज़गी—दुनियावी शराब के नुक़्सानात से पाक

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि दुनियावी शराब नापाक, बदबूदार और अक़्ल को ज़ायल करने वाली होती है जिससे सर में दर्द और बेहूदगी पैदा होती है। इसके बरअक्स जन्नत की शराब निहायत ख़ुशबूदार, लज़ीज़ और पाकीज़ा है—उसे पीने से न कभी सर में दर्द होगा और न कभी अक़्ल में फ़ितूर आएगा।

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