कुरान - 56:20 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

20
وَفَٰكِهَةٖ مِّمَّا يَتَخَيَّرُونَ

Transliteration: (Wa faakihatim mimmaa yatakhaiyaroon)

और ऐसे फल जो वे पसंद करें! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 20 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 20

"और ऐसे फल जो वे पसंद करें!"


जन्नत के पसंदीदा मेवे

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि जन्नतियों के दिलों में जिस फल का भी ख़्याल गुज़रेगा, ख़िदमतगार फ़ौरन वह लज़ीज़ और ताज़ा फल उनके सामने पेश कर देंगे।

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