कुरान - 56:28 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

28
فِي سِدۡرٖ مَّخۡضُودٖ

Transliteration: (Fee sidrim makhdood)

वे बे-काँटे की बेरियों में होंगे [27]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 28 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 28

"वे बे-काँटे की बेरियों में होंगे [27]।"


[27] बे-काँटे की बेरियाँ और जन्नती बेर

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि दुनिया में बेरी के दरख़्तों में काँटे होते हैं और फल कम होता है, मगर जन्नत की बेरियाँ काँटों से पाक होंगी और उन पर ऐसे लज़ीज़ और ख़ुशबूदार बेर लगेंगे जिनका गूदा ताज़ा मक्खन की तरह नर्म और इंतिहाई मीठा होगा। सिदरतुल मुंतहा भी बेरी का मुतबर्रक दरख़्त है जहाँ हज़रत जिब्राईल अलैहिस्सलाम का मक़ाम है।

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