कुरान - 56:8 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
فَأَصۡحَٰبُ ٱلۡمَيۡمَنَةِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلۡمَيۡمَنَةِ

Transliteration: (Fa as haabul maimanati maaa as haabul maimanah)

तो दाहिनी तरफ़ वाले [10], दाहिनी तरफ़ वालों का क्या कहना [11]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 8

"तो दाहिनी तरफ़ वाले [10], दाहिनी तरफ़ वालों का क्या कहना [11]!"


[10] असहाबुल मैमाना (दाहिनी तरफ़ वाले मोमिनीन)

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि ये वे मोमिनीन हैं जिन्हें अर्श के दाहिनी तरफ़ जगह मिलेगी, या जिनका आमाल-नामा उनके दाहिने हाथ में दिया जाएगा, या जो रोज़-ए-मीसाक़ हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की दाहिनी जानिब थे।

[11] उनकी कामरानी, इज़्ज़त और शादमानी

यह जुमला उनकी अज़ीम ख़ुशनसीबी और इज़्ज़त के इज़हार के लिए है कि सुब्हानअल्लाह! दाहिनी तरफ़ वालों की राहत और कामरानी का क्या कहना!

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