मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 20 तफ़सीर
मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)
सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 20
"और तीसरे मनात [22] को?"
[22] मनात बुत और मुशरिकीन की बे-अक़्ली का बयान
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि मनात भी मुशरिकीन का तीसरा बड़ा बुत था:
मनात बुत: यह मदीना मुनव्वरा के क़रीब मुशल्लल के मक़ाम पर औस और ख़ज़रज क़बीलों का बुत था। क़ुरआन ने इन तीनों का ज़िक्र करके फ़रमाया कि क्या इन बे-हिस और बे-इल्म पत्थरों में ख़ुदाई का कोई ज़र्रा भी है? हरगिज़ नहीं!
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