कुरान - 53:18 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

18
لَقَدۡ رَأَىٰ مِنۡ ءَايَٰتِ رَبِّهِ ٱلۡكُبۡرَىٰٓ

Transliteration: (Laqad ra aa min aayaati Rabbihil kubraaa)

बेशक उन्होंने अपने रब की बड़ी-बड़ी निशानियाँ [21] देखीं! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 18 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 18

"बेशक उन्होंने अपने रब की बड़ी-बड़ी निशानियाँ [21] देखीं!"


[21] शब-ए-मेअराज की अज़ीम निशानियों का मुशाहदा

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि हुज़ूर ﷺ ने मेअराज की रात कायनात के तमाम ग़ैबी हक़ाइक़ अपनी आँखों से मुलाहिज़ा फ़रमाए:

  • आयाते-कुबरा: हुज़ूर ﷺ ने जन्नत की नेअमतों, दोज़ख़ के अहवाल, अर्श व कुर्सी, लौह व क़लम और करोड़ों फ़रिश्तों की सफ़ों का मुशाहदा फ़रमाया। सबसे बढ़कर अपने रब के हुस्न-ए-बेमिसाल का दीदार किया।

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