कुरान - 53:16 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

16
إِذۡ يَغۡشَى ٱلسِّدۡرَةَ مَا يَغۡشَىٰ

Transliteration: (Iz yaghshas sidrata maa yaghshaa)

जब सिदरह पर छा रहा था जो कुछ छा रहा था [19]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 16 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 16

"जब सिदरह पर छा रहा था जो कुछ छा रहा था [19]!"


[19] सिदरतुल-मुन्तहा पर अनवारात और फ़रिश्तों की तजल्ली

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि उस वक़्त सिदरतुल-मुन्तहा पर रब्बानी अनवारात की बरसात हो रही थी:

  • सोने के परवाने और फ़रिश्ते: हदीस शरीफ़ के मुताबिक़ सिदरह को सोने के परवानों की मानिंद बेशुमार फ़रिश्तों और इलाही तजल्लियों ने ढांप रखा था।
  • हुज़ूर ﷺ की तवज्जोह: इतने अज़ीम और दिलकश मनाज़िर के बावजूद हुज़ूर ﷺ की नज़र सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने रब की ज़ात पर टिकी रही, किसी और चीज़ ने आपके दिल को मुतवज्जेह नहीं किया।

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